हाई दोस्तों मेरा नाम रजनीश है और मैं सेक्सदेसी का नियमित पाठक हूँ। मैं आपको मेरे जीवन में घटी एक सच्ची घटना बताना चाहता हूँ। बात तब की है जब मैं मामी के घर गया हुआ था। कहानी पर आने से पहले मैं आपको अपने मामा-मामी के बारे मे बताता हूँ। मेरे मामा सरकारी नौकरी में थे।उनकी शादी बहुत देर से हुई, जब उन दोनों की शादी हुई तो उनके उम्र में काफी अंतर था। मामा की अब उम्र हो चुकी है, पर मामी अभी जवान है।

मेरे मामी का शरीर बिलकुल भरा पूरा है। बूब्स बिलकुल तरबूज जैसे, जब वह गांड मटकते हुए चलती है तो बड़े-बड़ो के लंड खड़े हो जाते होंगे।अब मैं आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधे कहानी पर आता हूँ। जब मैं उनके घर जाता तो कभी कभी उनकी पेंटी पहनकर मुट्ठ मारता था। कभी उनकी साड़ी में, जब वह नहाने बैठती थी तो दरवाजा खुला रखती थी और बाथरूम से नंगी ही बाहर आती थी। तब कभी-कभी उनके गांड के दर्शन होते थे। मैं कबसे उन्हें चोदना चाहता था और मुझे इस बार मौका मिल ही गया। उस दिन मामी का जन्मदिन था लेकिन घर पर कोई नहीं था। वह मायूस बैठी थी, मैंने उनको जन्मदिन की शुभकामनाये दी। वह हसीं और मैंने उनको अपना जन्मदिन मनाने को कहा। पहले वह नहीं मानी पर मेरे जिद्द करने पर मान गयी। उन्होंने खाना बनाया और मैं मार्किट से उनके लिए बर्थडे केक ले आया। हमने केक काटा और मैंने बर्थडे एन्जॉय करने के लिए एक शम्पेन खोली। पर मामी पिने के लिए मना करने लगी। लेकिन मैं भी कहाँ  मानने वाला था! दो पेग में ही उन्हें चढ़ गयी। मैंने अपने मुंह में एक केक का टुकड़ा रखा और उन्हें खाने को कहा जो उन्होंने शरमाते हुए खाया।

तब मैंने उन्हें एक लॉन्ग किस किया उनके कमर को पकड़कर। हमारा किस करीब १५ मिनिट तक चला। मैं समझ चुका था की अब वह चुदाई से मन नहीं करेगी, इसलिए मैंने आगे बढ़कर उनका पल्लू निचे गिरा दिया। और फिर पागलों की तरह उन्हें किस करने लगा। वह भी अब मेरा साथ देने लगी थी और उनके मुहं से आह-आह की आवाज निकल रही थी। उनके गर्दन को किस करते हुए मैं उनके कमर तक आ गया। और उनकी साड़ी खोल दी। अब वह मेंरे सामने सिर्फ लाल कलर की ब्लाउज और पिंक कलर की पेटीकोट में थी। अब मैंने उन्हें पलंग पर लेटा दिया। वह पलंग पर मचल रही थी। मैं उनके गोरे-गोरे पावों को किस करते हुए जांघों तक पंहुचा। अब वह पूरी तरह गर्म हो चुकी थी। मैंने उनके पेटीकोट का नाडा खोलकर उसे उतार दिया और अब वह मेरे सामने सिर्फ ब्लाउज और काले कलर की पेंटी में थी। क्या गजब लग रही थी। मैं फिर उनके ऊपर गया और किस करते हुए ब्लाउज के बटन खोल दिए।

उनके तरबूज जैसे मोटे-मोटे मम्मे मेरे सामने थे। मैंने उन्हें मसलना शुरू किया। वह उह्ह ऊह्ह जैसे आवाज निकाल रही थी। मैं दांतों से उनके किशमिश जैसे निप्पल काटने लगा, उन्हें हल्का हल्का दर्द होने लगा। मैंने फिर उन्हें किस किया। अब वह भी मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ही सहलाने लगी। मैंने अब देर ना करते हुए उन्हें पूरी तरह नंगा कर दिया और अपने भी कपड़े उतार दिए। हम दोनों अब बिलकुल नंगे थे। वह अपने चुचियों को मसल रही थी और चाट रही थी। मैंने उनको मेरे लंड से खेलने को कहा और वह मेरे लंड अपने मम्मों के बीच में घुसाने लगी और साथ ही जीभ से मेरे लंड के टोपे को चाट रही थी। हमने अब ६९ पोजीशन ले लिया और मैं उनकी चूत अपने जीभ से चोदने लगा। मेरी मामी मेरा लंड से अपना मुहं चुदवा रही थी। क्या बताऊँ दोस्तों की किस तरह वह मेरा लंड अपने मुहं में लेकर चूस रही थी। थोड़ी देर में मामी मेरे मुहं में ही झड़ गयी और मैंने उनका पूरा रस पी लिया। इधर मेरे लंड का पानी भी निकल गया और मामी ने मेरा पूरा वीर्य पी लिया! थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, और मामी भी अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी। मैंने देर ना करते हुए अपना लंड सीधे मामी के रसीले चूत में घुसा दिया। वह जोर से चिल्लाई… निकालो इसे, मुझे दर्द हो रहा है आह्ह्ह्ह ……। पर मैंने धक्के मारना ज़ारी रखा। थोड़ी देर बाद उनका दर्द कम हो गया और उन्हें भी मज़ा आने लगा। वह भी अब अपनी गांड उठा-उठाकार मेरा साथ दे रही थी। मेरे धक्कों से उनके बड़े-बड़े मम्मे जोर से हिल रहे थे। वह मस्ती में अपने चुचियों को मसलते हुए अपने निप्पल को चाट रही थी। थोड़ी देर बाद मैं अपना लंड निकाल लिया। अब मामी की बारी थी मुझे चोदने की! मैं पलंग पर लेट गया और उनसे मेरे लंड के ऊपर बैठकर खुद से चुदाने को कहा। वह गांड उठा-उठकर खुद ही खुद को चुदवा रही थी और मैं उनके निचे लेटकर मज़े ले रहा था। उनके मम्मे फुटबाल की तरह ऊपर-निचे उछल रहे थे। थोड़ी देर बाद मैं उनके चूत में ही झड़ गया और मामी भी मेरे साथ ही झड़ गयी।

मैंने मामी को एकबार फिर एक लॉन्ग किस किया। किस करते हुए उन्होंने मुझसे कहा की ये उनके लाइफ में अबतक का सबसे अच्छा बर्थडे गिफ्ट है। हमने रातभर कई बार और चुदाई की। और इस तरह मैंने अपनी मामी को उनके जन्मदिन का यह नायाब तोहफा दिया।।